चित्रकूट/सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ धर्म नगरी चित्रकूट में चल रहे भाजपा उत्तर प्रदेश के कैबिनेट एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर के अंतिम दिन रविवार को सभी पदाधिकारियों एवं मंत्रियों द्वारा सतना जिले में स्थित चित्रकूट के दीनदयाल शोध संस्थान के प्रकल्पों का अवलोकन किया गया। केंद्र एवं राज्य सरकार के कई मंत्रियों एवं संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नानाजी देशमुख के प्रकल्प राम दर्शन, नन्ही दुनिया, गुरुकुल संकुल, उद्यमिता विद्यापीठ आदि विभिन्ना प्रकल्पों का अवलोकन करने के बाद दीनदयाल परिसर में बने सभागार में संस्थान की सभी स्वावलंबन गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस दौरान दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन द्वारा सभी पदाधिकारियों का आत्मीय अभिनंदन भी किया गया।
दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन ने कहा कि श्रद्धेय नाना जी ने अपने जीवन के अंतिम 20 वर्षों 1990 से लेकर 2010 तक चित्रकूट को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने समाज जीवन के विभिन्न रचनात्मक प्रयोग किए, उनके प्रयोग एवं प्रशस्त मार्ग पर ही दीनदयाल शोध संस्थान के सब कार्यकर्ता आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। चित्रकूट के प्रशिक्षण वर्ग में यूपी भाजपा संगठन के पदाधिकारी और केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री जुटे हैं, चित्रकूट में बीजेपी के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का रविवार को अंतिम दिन रहा। सभी लोगों द्वारा समाज के पीड़ित एवं उपेक्षित लोगों के लिए नानाजी देशमुख द्वारा समाज जीवन पर किए गए रचनात्मक प्रयोग और उनसे प्रेरणा लेने के लिए तथा अंत्योदय और सामाजिक समरसता के मूल मंत्र स्वावलंबन अभियान को समझकर अपने अपने कार्य क्षेत्र में दोहराने की बात कही।
उप्र के चित्रकूट में भारतीय जनता पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम दिन रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे। इसके साथ ही वे सतना जिले में स्थित चित्रकूट के तुलसी पीठ भी पहुंचे। बस अड्डा स्थित हेलीपैड से उतर कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे तुलसी पीठ के पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य से मिलने पहुंचे। दरअसल उन्हें रामभद्राचार्य की तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी मिली थी जिसके कारण वे उनका हालचाल जानने पहुंचे और उनसे चर्चा की। बताया जा रहा है कि इस चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री से राम भद्राचार्य ने अपने दिव्यांग विश्वविद्यालय के लिए शासकीय सहायता मांगी। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें शासकीय सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर उप्र सहित मध्य प्रदेश प्रशासन ने भी सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की थी। बेड़ी पुलिया से लेकर तुलसी विद्यापीठ तक पूरे रास्ते को सील कर दिया गया था और जगह-जगह पुलिस की टीम तैनात की गई थी। इसके लिए उत्तर प्रदेश का पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात किया गया था साथ ही मध्य प्रदेश का भी पुलिस बल तैनात था।
Bhaskar Hindi News