सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान उर्पाजन के दौरान उपार्जन पर्यवेक्षण सहित अन्य विषयों पर निर्णय लेने एवं उपार्जन नीति के अंतर्गत आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा जिला स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति में कलेक्टर अध्यक्ष एवं जिला आपूर्ति अधिकारी सदस्य सचिव होंगे। इसी प्रकार जिला लीड बैंक अधिकारी, उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, उपायुक्त अथवा सहायक आयुक्त सहकारी संस्थायें, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, जिला विपणन अधिकारी, जिला प्रबंधक वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन, जिला प्रबंधक म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं सचिव कृषि उपज मंडी सतना सदस्य होंगे। गठित समिति जिले में धान उर्पाजन संबंधी समस्त व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही जिले में धान उपार्जन के संबंध में लिये गये निर्णय एवं निगरानी और निरीक्षण की कार्यवाही से कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) को अवगत करायेगी।
जिला स्तरीय तकनीकी सेल गठित
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में जिले के कृषकों से धान का उपार्जन 1 दिसंबर 2023 से 19 जनवरी 2024 तक किया जायेगा। कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा उपार्जन अवधि के दौरान उर्पाजन में आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला स्तरीय तकनीकी सेल गठित की गई है। तकनीकी सेल में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी परमीत कौर (मो.नं. 9302167623), जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस योगेश तिवारी (मो.नं. 8085144449), कम्प्यूटर ऑपरेटर नारेन्द्र पाण्डेय (मो.नं. 9977516768), डाटा एंट्री ऑपरेटर शिवबिहारी सिंह एवं मनीष अहिरवार को शामिल किया गया है। यह तकनीकी सेल धान उपार्जन में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिये उत्तरदायी होगी।
उपार्जन संबंधी विवादों का निराकरण के लिये अपर कलेक्टर एसपीओसी नियुक्त
खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान उर्पाजन का कार्य 1 दिसंबर 2023 से 19 जनवरी 2024 तक किया जाना है। शासन द्वारा जारी नीति-निर्देशों के तहत जिला स्तरीय उर्पाजन समिति उपार्जन संबंधी समस्त विवादों का अंतिम निराकरण तथा उपार्जित स्कंध की गुणवत्ता की निगरानी करेगी। कलेक्टर अनुराग वर्मा द्वारा उपार्जन संबंधी सभी विवादों के लिये अपर कलेक्टर ऋषि पवार को सिंगल प्वाईंट ऑफ कॉन्टैक्ट (एसपीओसी) के रूप में नियुक्त किया गया हैं। अपर कलेक्टर राज्य स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संपर्क में रहेंगे।
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