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Satna: सात फेरों के बाद लाल जोड़े में दुल्हन ने दिया एग्जाम

दूल्हे ने भी किया विदाई का इंतजार

सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ चाहे जीवन की परीक्षा हो या करियर की, यह कितनी अहम होती है इसका उदाहरण एक बार फिर दिया सतना शहर के नवविवाहित जोड़े ने। पूरी रात दुल्हन ने शादी की रस्मे निभाईं और सुबह पहुंच गई कॉलेज PEB की परीक्षा देने। इस बीच दूल्हा इंतजार करता रहा और जब दुल्हन परीक्षा देकर वापस लौटी तब विदाई की रस्म पूरी की गयी और दुल्हन अपने पिया के घर के लिए रवाना हुई मामला मुख्त्यार गंज का है.लेकिन दुल्हन का संविदा वर्ग 2 का एग्जाम था। दोनों परिवारों ने भी इस एग्जाम को देने के लिए सहमति जताई। विदाई की रस्म से पहले शादी का लाल जोड़ा पहने दुल्हन परीक्षा देने पहुंची।
सतना में अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक दुल्हन विदाई से पहले लाल जोड़े में परीक्षा देने गई। दूल्हा और दुल्हन के परिवार ने भी शिक्षा को प्राथमिकता दी है। इतना ही नहीं, दूल्हे ने भी अपनी दुल्हन के लिए करीब 5 घंटे इंतजार किया।

मामला शहर के मारुति नगर का है, जहां के निवासी वशिष्ठ मुनि त्रिपाठी की पुत्री शिवानी त्रिपाठी (25) का विराटनगर पतेरी सत्यनारायण पयासी के पुत्र अभिषेक पयासी (28) से विवाह हुआ है। बारात 10 मई को धूमधाम से मारुति नगर के एक निजी पैलेस में पहुंची, जहां पर दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। 11 मई को सुबह दुल्हन की विदाई होनी थी। लेकिन दुल्हन का संविदा वर्ग-2 का एग्जाम था।
दूल्हा और दुल्हन दोनों पक्ष के परिवार ने इस एग्जाम को देने के लिए सहमति जताई। विदाई की रस्म से पहले शादी का लाल जोड़ा पहने दुल्हन सुबह करीब 7:00 बजे आदित्य महाविद्यालय पहुंची और 9:00 से 12:00 बजे तक 3 घंटे का पूरा एग्जाम दिया।

एग्जाम देकर आई तब हुई विदाई

दिलचस्प बात यह रही कि दुल्हन विदाई से पहले एग्जाम देने गई और करीब 5 घंटे से अधिक समय तक दूल्हे अभिषेक त्रिपाठी और ससुरालियों ने दुल्हन के लौटने का इंतजार किया। जब दुल्हन एग्जाम देकर वापस वैवाहिक स्थल पहुंची, उसके बाद उसकी विदाई रस्म पूरी की गई।

सासु मां ने पहले ही तय कर दिया था

दुल्हन शिवानी त्रिपाठी का कहना है कि एग्जाम को लेकर बहुत खुशी है और परिवार ने पूरा सपोर्ट किया है। उसके पति और ससुरालीजनों ने कहा था कि पहले एग्जाम उसके बाद विदाई। बताया कि शादी में सारी चीजें जल्दी की गईं। सासु मां ने पहले से सारी चीजें तय कर रखी थी कि पहले एग्जाम होगा और उसके बाद विदाई रस्म पूरी होगी।

बहू-बेटियों को प्रोत्साहित करना चाहिए

दूल्हे अभिषेक पयासी का कहना है कि हमारी शादी 10 मई को हुई और 11 मई को विदाई होनी थी। पत्नी शिवानी का संविदा वर्ग 2 का 11 मई को एग्जाम था, उसके पहले हम और हमारे परिवार ने सबसे पहले शिक्षा को प्राथमिकता दी।हमारा लोगों को यह मैसेज है कि हमें घर की बेटी और बहू दोनों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

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