किसानों का पंजीयन 15 सितंबर से
सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार व बाजरा किसानों से खरीदने के लिए किसानों के पंजीयन की नई प्रक्रिया निर्धारित की है। अब किसानों को पंजीयन कराने के लिए कहीं जाने और लाइन में लगने की जरूरत नहीं है, बल्कि वे अपने मोबाइल के माध्यम से ही घर बैठे पंजीयन करा सकेंगे। किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे ही अथवा ग्राम पंचायत या जनपद पंचायत या तहसील कार्यालय या सहकारी समितियों द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र में निःशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन के कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर के कियोस्क या लोक सेवा केंद्र या अन्य निजी साइबर कैफे पर शुल्क देकर भी किसान अपना पंजीयन करा सकते हैं। सशुल्क का पंजीयन करने वाले कियोस्क व सुविधा केंद्रों को पंजीयन प्रारंभ करने से पहले कलेक्टर से अनुमति लेना होगी। अधिकृत किए गए कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर या एमपी ऑनलाइन सेंटर या लोक सेवा केंद्र अधिकतम 50 रुपये शुल्क लेकर किसान का पंजीयन कर सकते हैं। किसान का पंजीयन करने से पहले किसान की भूमि संबंधी दस्तावेज किसान के आधार कार्ड फोटो व अन्य पहचान पत्रों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि पूर्व की व्यवस्था के अनुसार किसान के पास फसल बेचने के लिए एसएमएस आता था। अब नई व्यवस्था में एसएमएस की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। उपार्जन केंद्र पर फसल लाने के लिए तिथि दिनांक व टाइम स्लॉट का चयन किसान को ही करना होगा। खरीदी गई फसल का भुगतान किसान के आधार नंबर से लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा। इसके लिए किसान को पंजीयन के समय अपने बैंक खाते की जानकारी देना होगी। किसानों से अपील की गई है कि यदि उनके बैंक खाते आधार नंबर व मोबाइल नंबर से लिंक न हो तो अभी से करवा लें। किसान अपना पंजीयन 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच करा सकते हैं। किसी भी संस्था को किसानों का पंजीयन का कार्य देने से पूर्व जिला उपार्जन समिति संबंधित संस्था की पात्रता की जांच करेगी। जो किसान पंजीयन कराएंगे उनके भू अभिलेख व अन्य रिकॉर्ड का सत्यापन 20 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
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