सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा आदेशित किया गया है कि मध्यप्रदेश में पंजीकृत समस्त वाहनों में हाई सिक्यूरटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाये जाने की कार्यवाही 6 माह में अनिवार्य रूप से पूर्ण की जाये। उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पारित निर्णय के अनुक्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि 1 अप्रैल 2019 के उपरांत विक्रित वाहनों में भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिकृत एजेंसिया, डीलर, ओईएम (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चर) द्वारा वाहनों में हाई सिक्यूरटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाई जाएगी। इसके साथ ही 1 अप्रैल 2019 के पूर्व विक्रित वाहनों में भी हाई सिक्यूरटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाये जाने की कार्यवाही की जायेगी। पंजीकृत समस्त वाहनों में हाई सिक्यूरटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाने की कार्यवाही समस्त शासकीय एवं अशासकीय वाहनों में 6 माह में अनिवार्य रूप से लगाई जाना सुनिश्चित किया जाये। राज्य शासन द्वारा इसका विस्तृत प्रचार-प्रसार किया जाने के निर्देश दिये गये है ताकि आम जनता को इसकी अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो सके। समस्त कार्यवाही करने के लिए परिवहन आयुक्त को अधिकृत किया गया है।
ईवीएम का डिस्पले पैनल देख सकेंगे उम्मीवार के एजेंट
भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा के लिए 3 दिसम्बर को होने वाली मतगणना के दौरान ईवीएम के कन्ट्रोल यूनिट पर रिजल्ट बटन दबाते समय प्रत्याशियों के एजेंट को डिस्पले पैनल दिखाने के निर्देश दिये हैं। मतगणना सुपरवाइजर यह सुनिश्चित करेंगे कि एजेंटों को डिस्पले पैनल दिखाया जाए ताकि वे प्रत्येक प्रत्याशी के पक्ष में डाले गये वोट की गिनती कर सकें, जो कन्ट्रोल यूनिट के डिस्पले पैनल पर प्रदर्शित होंगी।
मतगणना सहायक को कंट्रोल यूनिट को इस प्रकार उठाकर रखना होगा कि डिस्पले पैनल न सिर्फ मतगणना का सुपरवाइजर बल्कि मतगणना टेबिल पर बैठे दूसरे मतगणना सहायक, माइक्रो आब्जर्वर और जाली की दूसरी ओर बैठे प्रत्याशी के एजेंट को भी दिखाई दे। यदि कोई एजेंट ईवीएम पर एक बार से अधिक रिजल्ट देखने की इच्छा व्यक्त करेगा तो मतगणना सुपरवाइजर को उसके संतोष के लिए फिर से रिजल्ट दिखाना होगा। जब प्रत्येक मतदान की टेब्युलेशन शीट (फार्म 17-सी) रिटर्निंग ऑफिसर की मेज पर आ जाती है, तो रिटर्निंग ऑफिसर का कर्तव्य होगा कि रिटर्निंग ऑफिसर टेबिल पर बैठे प्रत्याशी उसके एजेंट मतगणना एजेंट को प्रत्येक प्रत्याशी के रिजल्ट को नोट करने दे। चक्रवार परिणाम पत्रक की प्रतियाँ रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा प्रत्याशियों तथा उनके चुनावी एजेंट को दी जाएगी। चक्रवार परिणाम पत्रक की प्रतियाँ, उस चक्र का परिणाम रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा घोषित होते ही दी जाएंगी। मतगणना की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जायेगी।
एनपीके का उपयोग से फसलों में एक साथ तीन तत्वों की पूर्ति
जिले में रबी फसलों की बोनी का कार्य प्रगति पर है, जिसके चलते बेसल डोज के रूप में कृषकों को डीएपी, एनपीके एवं एसएसपी उर्वरक की आवश्यकता होती है। वर्तमान में शासन द्वारा उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। रबी फसलों के लिए कृषक डीएपी उर्वरक का अधिक उपयोग करते है।
उप संचालक किसान कल्याण कृषि विकास ने बताया कि किसान रबी फसलों के लिए बेसल डोज के रूप में एनपीके उर्वरक जैसे- 12.32.16 एवं 20.20.0.13 आदि डीएपी के स्थान पर एक अच्छा विकल्प है। एनपीके का उपयोग करने से फसलों में एक साथ तीन तत्वों नत्रजन, फास्फोरस एवं पोटाश की पूर्ति सुनिश्चित करता है। जबकि डीएपी उर्वरक से मात्र दो तत्वों नत्रजन, फास्फोरस की ही पूर्ति होती है। इस प्रकार डीएपी के स्थान पर एनपीके का उपयोग कृषको के लिए लाभकारी है। इसके अतिरिक्त कृषक भाईयों से अपील है कि मृदा परीक्षण के आधार पर जारी मृदा स्वास्थ्य कार्ड में की गई अनुशंसा के अनुरूप ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करें तथा खेती में लागत कम कर के खेती को लाभ का धंधा बनाये।
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