छतरपुर, भास्कर हिंदी न्यूज़/ जिले के मांग के अनुरूप खाद कम मिली है। ऐसे में प्रशासन भी अब खाद को लेकर सख्त हो चला है। निजी विक्रेताओं को पहले ही डबल लाक गोदाम में बैठाकर खाद का वितरण कराया जा रहा है। अब कृषि उप संचालक मनोज कश्यप ने जिले के 11 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। कृषि उप संचालक का कहना है कि यह वे वितरक हैं, जिनकी ओर से मांगे जाने के बावजूद भी रिकार्ड नहीं दिया गया था। साथ ही वर्षभर से क्रय-विक्रय नहीं कर रहे थे। ऐसे में यह लोग कोई गड़बड़ी नहीं करें, इसको लेकर इन पर कार्रवाई की गई है।
इन दुकानदारों पर कार्रवाई
यहां बता दें, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विभाग मनोज कश्यप ने बताया कि जिले के 11 फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के लायसेंस किये गये हैं। दिलीप कुमार राय घुवारा, अनिल जैन बड़ामलहरा, बृजकिशोर सोनी डहर्रा, रूपाली नगरिया गंज, गोपाल प्रसाद असाटी छतरपुर, अटलबिहारी पटेल पुर, सुरेश रैकवार कुसमा, रामबरन पटेल कौथेहां, मंगल पटेल सरबई, पुष्पेन्द्र चौरसिया और अंशुल यादव लवकुशनगर के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य व्यापारियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।
नोटिस का जवाब नहीं दे रहे थे विक्रेता
कृषि उप संचालक मनोज कश्यप ने बताया कि उक्त विक्रेताओं को नोटिस भेजकर जानकारी मांगी गई थी, लेकन इनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा था। मनमाने तरीके के व्यवहार के चलते इन 11 उर्वरक विक्रेताओं के प्राधिकार पत्र (लायसेंस) निरस्त किये गये हैं। मनोज कश्यप ने बताया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। महकमा किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए निगरानी कर रहा है।
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