सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ राज्य शासन ने नशा मुक्ति अभियान में शासन के सभी विभागों के जिले से लेकर ग्रामीण स्तर तक अधिकारी/कर्मचारियों की सहभागिता के निर्देश दिये हैं। इसमें पंचायत राज संस्थाएँ, नगरीय निकाय, केंटोनमेंट बोर्ड, स्व-सहायता समूह, जन-प्रतिनिधि, स्वयं सेवी एवं अशासकीय संस्थाएँ, जन-अभियान परिषद, ग्राम वन समिति, नगर सुरक्षा समिति, धर्मगुरू, सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाएँ, औद्योगिक संगठन और मीडिया को भी शामिल किया गया है।
उल्लेखनीय है कि “नशा मुक्त भारत“ अभियान में पहले से ही 15 जिलों में “नशा मुक्त मध्यप्रदेश“ अभियान संचालित किया जा रहा है। यह जिले हैं – सतना, रीवा, जबलपुर, भोपाल, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, दतिया, नर्मदापुरम, मंदसौर, नरसिंहपुर, रतलाम और सागर। अब प्रदेश के सभी जिले अभियान में शामिल हो गये हैं।
अभियान का उद्देश्य नशीले पदार्थों तथा शराब सेवन के दुष्परिणाम से आमजन को जागरूक करते हुए विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इनसे बचाना है। अभियान के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में अनुविभाग स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है।
समय पर उपलब्ध करायें मतपत्र के लिए कागज : राज्य निर्वाचन आयुक्त
राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक में पंचायत निर्वाचन के लिए छपने वाले मत-पत्रों के लिए कागज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। श्री सिंह ने कहा कि नगरीय निकाय निर्वाचन के लिए समय पर मतपत्र मुद्रण की सुनियोजित कार्य-योजना बना लें। श्री सिंह ने कहा कि त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन में मत-पत्र मुद्रण के लिए लगभग 575 टन कागज की आवश्यकता होगी।
प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी ने कहा कि पंच, सरपंच, जनपद पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के लिए मत-पत्रों की छपाई के लिए समय पर निर्धारित कलर के पेपर उपलब्ध करा दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि 8 प्रकार के लिफाफों का मुद्रण भी समय-सीमा में कर लिया जायेगा।
अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी कार्यवाही करने बनाएं नोडल अधिकारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने प्रमुख सचिव वाणिज्य कर को निर्देशित किया है कि जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकाय निर्वाचन के दौरान अवैध शराब की बिक्री होने पर की जाने वाली कार्रवाई की मॉनिटरिंग करने और राज्य निर्वाचन आयोग से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें।
दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को मताधिकार की मिलेगी सुविधा
त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2022 के लिए जारी निर्वाचन कार्यक्रम अनुसार तीन चरणों में मतदान होना है। जिसमें प्रथम चरण में 25 जून को, द्वितीय चरण में 1 जुलाई और तृतीय चरण में 8 जुलाई को मतदान होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने श्रमायुक्त मध्यप्रदेश को आदेश जारी करते हुए पंचायत क्षेत्र में स्थापित उद्योग, कारखाने, व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानों में कार्य करने वाले मतदाताओं को मतदान का अवसर देने के लिए समुचित सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि संबंधित संस्थाओं, कारखानों के संचालकों को मतदान दिवस पर साप्ताहिक अवकाश घोषित करने और दुकानों, वाणिज्यिक संस्थाओं में निर्धारित दिन में अवकाश न रखकर उसके स्थान पर मतदान दिवस के दिन अवकाश दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुराग वर्मा ने सहायक श्रमायुक्त सतना को त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन एवं नगरीय निकाय निर्वाचन के दृष्टिगत मतदान दिवस को दुकानों, प्रतिष्ठानों या संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को मताधिकार का प्रयोग करने के लिये समुचित सुविधा प्रदाय करने के निर्देश प्रसारित किये हैं।
अवकाश के दिनों में भी खुलेगे कार्यालय, अदेय प्रमाण पत्र बनाने का काम रहेगा जारी
त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के दृष्टिगत पंचायत चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों के लिए अदेय प्रमाण पत्र जारी करने शनिवार और रविवार 4 और 5 जून को पंचायत के कार्यालय खुले रहेंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ परीक्षित राव ने बताया कि जिला पंचायत, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत मे अवकाश के दिनों मे पंचायत चुनाव संबंधी समस्त कार्य सामान्य दिनों की तरह होंगे।
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