ब्लैक स्पाट खत्म कर दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयास हो
सडक सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न

सतना,भास्कर हिंदी न्यूज़/ सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि दुर्घटना की प्रबल आशंका वाली सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा और सतना जिले में मौजूद सड़कों के ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्यवाही से ब्लैक स्पॉट खत्म कर दुर्घटनाओं की आशंका कम की जाएगी। इस मौके पर प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी मुख्य रूप से उपस्थित रही। उन्होंने कहा कि सतना शहर के यातायात को सुगम और व्यवस्थित किया जाए। इस अवसर पर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, महापौर योगेश ताम्रकार, कलेक्टर अनुराग वर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, आरटीओ संजय श्रीवास्तव, डीएसपी ट्रैफिक संजय खरे, एसडीएम नीरज खरे, राहुल सिलाडिया सहित विभागीय अधिकारी और सदस्य उमेश प्रताप सिंह, कमलेश गौतम भी उपस्थित थे।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में आरटीओ संजय श्रीवास्तव ने बताया कि सतना और मैहर सम्मिलित जिले में कुल 10 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे। तथा 54 दुर्घटना संभावित क्षेत्र रहे हैं। जिनमें 10 दुर्घटना संभावित क्षेत्र मैहर में चले गए हैं। डीएसपी संजय खरे ने सतना जिले के चिन्हित 5 ब्लैक स्पॉट में पिछले 3 वर्षों में हुई दुर्घटना हत-आहत व्यक्तियों और सुधार के किए गए उपायों की जानकारी में बताया कि पिछले 3 वर्षों में खाम्हा खूझा के ब्लैक स्पॉट पर 8 दुर्घटनाओं में 8, कृपालपुर में 8 दुर्घटनाओं में 2 व्यक्ति, बेला में 14 दुर्घटनाओं में 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। रनेही मोड के ब्लैक स्पॉट में 5 दुर्घटना में 2 मौत और दुबहाई पुलिया सेमरिया रोड में 5 दुर्घटना में 2 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। इस प्रकार 3 साल में कुल 94 सड़क दुर्घटनाओं में 77 लोग घायल हुए तथा 34 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बेला ब्लैक स्पॉट पर टोल रोड में हुई दुर्घटना मृत्यु पर गहरी चिंता जताते हुए रोड का सेफ्टी ऑडिट कराने तथा ब्लैक स्पॉट खत्म करने की कार्यवाही के निर्णय लिए गए। डीएसपी ट्रैफिक ने बताया कि सतना से रीवा रोड और पन्ना रोड पर हैवी ट्राफिक रहता है और सर्किट हाउस चौक तथा सेमरिया चौक पर यातायात दबाव कम करने के उपाय जरूरी है। बैठक में सिविल लाइन चौक के समीप हेलमेट की संरचना हटाने, प्रतिहार होटल के सामने की खुली पुलिया की दीवार हटाकर समतल स्पेस बनाने और हनुमान मंदिर से कोठी रोड पर आवागमन के मार्ग सुगम करने के निर्देश दिए गए।
सतना शहर में नो इंट्री पाइंट के पुर्ननिर्धारण पर भी चर्चा की गई। इसमें यूसीएल तिराहे से पाइंट हटाकर मंडी तिराहे के पास तक ले जाने पर विचार किया गया। निर्णय लिया गया कि पुराना मंडी का गेट खोलकर छोटा रास्ता बनाया जाएगा। नो इंट्री में 16 टन के भार क्षमता वाहन के आधार को संशोधित कर कमर्शियल सेवाओं में लगे ट्रैक्टर-ट्राली और चार पहिया, छह पहिया, भार वाहक ट्रैकों को बाजार में नो इंट्री के दौरान प्रतिबंधित करने के संबंध में भी विचार किया गया।
प्राइवेट बसों के बस स्टैंड से संचालन और कहीं भी बसें रोककर सवारी लेने की परंपरा पर चर्चा के दौरान निर्णय लिया गया कि बस स्टैंड से आवागमन करने वाली यात्री बसों के शहर के भीतर स्थानक तय किये जाएं और इसके अलावा अन्य स्थानों पर बसें खड़ी करने पर कार्यवाही की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस को यातायात व्यवस्थित करने किराए पर क्रेन लिए जाने की स्वीकृति दी गई। डीएसपी ट्रैफिक ने बताया कि बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालकों के 7363 समन में 21 लाख 33 हजार रूपये की चालान राशि वसूली गई है। ।
फीडर सेपरेशन के कार्य तेजी से पूर्ण किये जाये
विद्युत कम्पनी की आरडीएसएस योजना की समीक्षा बैठक
आरडीएसएस के तहत सतना जिले में चल रहे फीडर विभक्तिकरण योजना के कार्य तेजी से पूर्ण किये जाये। आरडीएसएस योजना के तहत 274 करोड 74 लाख रूपये लागत से सतना और मैहर जिले में 234 फीडरों में फीडर सेपरेशन का कार्य चल रहा है। जिले की सुगम और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए यह अत्यंत ही महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है। कार्यों की प्रापर मानीटरिंग भी सुनिश्चित की जाये। इस आशय के निर्देश प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी की उपस्थिति में सांसद गणेश सिंह की अध्यक्षता में संपन्न आरडीएसएस योजना की समीक्षा बैठक में दिये गये। इस अवसर पर विधायक सतना सिद्धार्थ कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, कलेक्टर अनुराग वर्मा, जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू, संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता सतना वृत्त पीके मिश्रा सहित संभागीय अभियंता एवं सहायक अभियंता विद्युत वितरण कम्पनी उपस्थित थे।
अधीक्षण अभियंता पीके मिश्रा ने बताया कि आरडीएसएस योजना में सतना और मैहर जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 234 फीडरों में फीडर सेपरेशन के लिए 274.74 करोड की राशि स्वीकृत है। जिसमें 7012 किमी 11 केवी लाइन 1183 किमी निम्न दाब लाइन और 3528 परिणा मित्र के कार्य किये जा रहे है। कार्य की पूर्णता अवधि 2 वर्ष और कार्य एजेंसी अशोका बिल्डिकान है। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि योजना के कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये और कार्यों की प्रापर मानीटरिंग होनी चाहिए। सांसद श्री सिंह ने कहा कि अब तक 11 केवी लाइन में 416 किमी निम्न दाब 300 किमी और परिणा मित्र में 298 का कार्य पूर्ण किया गया है। कार्यों में तेजी लाये जाने की आवश्यकता है।
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