समय सीमा प्रकरणों की बैठक में पौध रोपण की समीक्षा

सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ कलेक्टर अनुराग वर्मा ने कहा कि एक पेड मां के नाम वृक्षा रोपण में पौधे लगाने के साथ उसका फोटो वायुदूत अंकुर ऐप में अपलोड करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि वृक्षा रोपण कार्यक्रम में जिले में बड़ी संख्या में अब तक पौधे लगाये गये हैं। लेकिन ऐप में अपलोड करने की स्थिति अत्यंत न्यून है। सोमवार को समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने वृक्षा रोपण कार्य की समीक्षा की। इस मौके पर अपर कलेक्टर स्वप्निल वानखडे, कमिश्नर नगर निगम शेर सिंह मीना, एसडीएम एपी द्विवेदी, नीरज खरे, राहुल सिलाडिया, आरएन खरे, सुधीर बेक सहित जनपद पंचायत के सीईओ, नगर पालिका अधिकारी और जिला विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर अनुराग वर्मा ने कहा कि जिले में वृक्षा रोपण का सामान्य लक्ष्य 12 से 14 लाख वृक्ष और एक पेड मां के नाम कार्यक्रम में 20 हजार पौधे रोपित करने का न्यूनतम लक्ष्य है। जिले में लगभग 500 ग्राम पंचायतें हैं, यदि एक पंचायत में 10 पौधे भी प्रतिदिन रोपित हो तो 5 हजार पौधे एक दिन में लगाये जा सकते हैं। अब तक एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम में 7021 पौध रोपण के फोटो अपलोड होने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने नगरीय निकायवार पौध रोपण की समीक्षा में पाया कि नगर पंचायत उचेहरा में 2 हजार, नागौद में 3 हजार, कोठी में 1600, रामपुर बघेलान में 350, कोटर में 250 पौधे लगाने की जानकारी दी गई है। लेकिन ऐप में अपलोड फोटो की संख्या काफी कम है। कलेक्टर ने सभी नगर पंचायतों के सीएमओ को लक्ष्य के विरूद्ध बहुत कम पौध रोपण पर कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रतिलिपि आयुक्त रीवा संभाग को भेजने के निर्देश दिये। जनपद पंचायतवार समीक्षा में रामपुर बघेलान में 2700 पौध रोपण के विरूद्ध 700 पौधे, मझगवां में 4546 पौधे रोपण के विरूद्ध 1142 और उचेहरा में 3 हजार पौधों के विरूद्ध हजार से भी कम पौधे ही ऐप में अपलोड किये गये हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आमजन के आवेदन पत्रों एवं सीएम डेस्क पोर्टल पर दर्ज सभी पत्रों का जबाव और पालन प्रतिवेदन तीन दिन के भीतर दर्ज कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। राजस्व महाअभियान 2.0 की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि जिले में पिछले सप्ताह राजस्व में अच्छा काम हुआ है। जिसके फलस्वरूप रैंकिंग में सतना जिला 16वें पायदान पर है। राजस्व अभियान में लगकर काम करें, अभियान के दौरान सभी नक्शा तरमीम, राजस्व आर्डर का पोर्टल में दर्ज, खसरा सुधार, ई-केवायसी और स्वामित्व योजना के सभी लंबित कार्यों को पूरा करें। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व महाअभियान में तहसील मझगवां में सभी घटकों में अच्छा काम हुआ है। नागौद और रघुराजनगर सिटी को सुधार लाने की जरूरत है।
सीएम हेल्पलाइन में हुआ बेहतर कार्य
कलेक्टर अनुराग वर्मा ने समय सीमा प्रकरणों की बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा में कहा कि पिछले हफ्ते सीएम हेल्पलाइन में बेहतर कार्य हुआ है। इस हफ्ते 504 शिकायतें कम हुई है और सतना जिला 14470 लंबित शिकायतों से 13966 पर आ गया है। सभी विभागों की शिकायतें कम हुई है, लेकिन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और आबकारी विभाग की बढ़ी है। कलेक्टर ने इन विभागों को सीएम हेल्पलाइन पर फोकस करने को कहा। तीन सौ दिवस से अधिक की शिकायतों में महिला बाल विकास विभाग की 103 शिकायतें बढ़ी है। कलेक्टर ने कहा कि व्यक्तिगत लाभ संबंधी शिकायतें तभी फोर्स क्लोज होगी, जब वह व्यक्ति अपात्र होगा और नियमानुसार कार्य नहीं किया जा सकेगा।
नाट अटेण्ड नहीं रहे शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन की मासिक ग्रेडिंग में 45.51 वेटेज स्कोर के साथ सतना जिला 6वें स्थान पर रहा है। जिसमें नाट अटेण्ड शिकायतों का वेटेज स्कोर 10 की बजाय 9.95 प्रतिशत रहा। कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में कोई शिकायत नाट अटेण्ड नहीं रहनी चाहिए। समीक्षा के दौरान लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में समय बाह्य आवेदनों और नाट अटेण्ड शिकायतों से संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये।
ई-केवायसी और मोबाइल सीडिंग होने तक रूकी रहेगी जेएसओ की वेतन
खाद्यान्न वितरण की समीक्षा में कलेक्टर अनुराग वर्मा ने उपभोक्ताओं की ई-केवायसी और मोबाइल सीडिंग कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मोबाइल सीडिंग और ई-केवायसी कार्य सभी कनिश्ठ आपूर्ति अधिकारी शत-प्रतिशत पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। कार्य पूर्ण होने तक संबंधित जेएसओ की वेतन रोकी जायेगी।
सभी संबंधित विभाग प्रमुख जनसुनवाई में रहेंगे उपस्थित
समय सीमा प्रकरणों की बैठक में अपर कलेक्टर स्वप्निल वानखडे ने कोर्ट में लंबित याचिकाओं और अवमानना के प्रकरणों में जबाव-दावा प्रस्तुत करने की कार्यवाही और जनसुनवाई के प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। अपर कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रति मंगलवार को प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक की जनसुनवाई में विभाग प्रमुख सहायक अधिकारियों को प्रायः भेजते हैं। जिसमें आमजन की समस्याओं का त्वरित निदान नहीं हो पाता। अपर कलेक्टर ने कहा कि अगली जनसुनवाई से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संबंधित विभाग प्रमुख अधिकारी स्वयं उपस्थित रहेंगे।
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