
सतना,भास्कर हिंदी न्यूज़/ सतना जिले में 16 दिसंबर से लगातार विकसित भारत संकल्प यात्रा आयोजित की जा रही है। जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी प्रचार रथ से रोचक गीतों एवं आकर्षक कार्यक्रमों के माध्यम से दी जा रही है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत मंगलवार को सतना जिला अंतर्गत रेरुआकला, रेरुआखुर्द, कुड़िया, पोंड़ी, रामपुर चौरासी, किटहा, अमिलिया, कुन्दहरीकला, देवार, इटौर, चोरमारी, सगौनी और तुर्की में शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। यहां पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रम में मैहर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपस्थित जनसमुदाय को दी। ग्रामीणों को बताया गया कि सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं। ग्रामीणजन योजनाओं को समझें तथा पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने योजना का लाभ पाने वाले हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किये। विकसित भारत संकल्प यात्रा में आयुष्मान भारत, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम आवास योजना, पीएम उज्जवला योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम किसान सम्मान योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम पोषण अभियान, हर घर जल- जल जीवन मिशन, स्वामित्व योजना, जन-धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, पीएम प्रणाम योजना के बारे में बताया गया।
मैहर जिले में आयोजित हुई विकसित भारत संकल्प यात्रा
मैहर जिले में विकसित भारत संकल्प यात्रा मंगलवार को जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंची। यात्रा के माध्यम से लोगों को विभिन्न केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं का लाभ, लक्षित लाभार्थियों, खास तौर से वंचित व आकांक्षी लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। अमरपाटन विकासखंड के ग्राम सन्नेहीबड़ा और बिगौड़ी में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य जन सामान्य में योजनाओं का प्रचार प्रसार एवं जागरूकता पैदा करना है। वंचितों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। लाभार्थियों के व्यक्तिगत कहानियों एवं अनुभव साझा करने के माध्यम से सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है। यात्रा के दौरान प्राप्त आवेदनों के आधार पर संभावित लाभार्थियों का नामांकन व चयन भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया पांडेय, ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्थानीय प्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे। इसी प्रकार रामनगर विकासखंड के ग्राम मर्यादपुर और देवदहा में जिला पंचायत की महिला बाल विकास की सभापति तारा पटेल ने विकसित भारत यात्रा के उद्देश्यों और योजनाओं की जानकारी दी।
विकसित भारत संकल्प यात्रा का आज का भ्रमण कार्यक्रम
सतना जिले में 10 जनवरी को विकसित भारत संकल्प यात्रा विभिन्न विकासखंडों के ग्राम पंचायत क्षेत्रों में भ्रमण करेगी। जिनमें नागौद विकासखंड अंतर्गत कचनार, खैरा, सोहावल विकासखंड अंतर्गत बठियाकला, बारीकला, मझगवां विकासखंड अंतर्गत गलबल, झरी, उचेहरा विकासखंड अंतर्गत भरहुत, मतरीपतौरा तथा रामपुर बघेलान विकासखंड अंतर्गत ग्राम देवरा क्रमांक 2, झंड, डेंगरहट और रघुनाथपुर के वार्ड शामिल हैं।
मैहर जिले में आज निकलने वाली विकसित भारत संकल्प यात्रा का रुट चार्ट
मैहर जिले में 10 जनवरी 2024 को विकसित भारत संकल्प यात्रा विभिन्न विकासखंडों की ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेगी। जिनमें मैहर विकासखंड अंतर्गत रिवारा, लटागांव, बदेरा, ककरा, अमरपाटन विकासखंड अंतर्गत पोंडीकला, घुईसा तथा रामनगर विकासखंड अंतर्गत मनकीसर, भमरहा में विकसित भारत संकल्प यात्रा का प्रचार वाहन भ्रमण करेगा।
फसलों को शीत घात से बचाने कृषकों को सलाह
चालू रबी मौसम में जिले में किसानों द्वारा प्रमुख रूप से गेहूं, चना, मक्का, सरसों एवं दलहनी फसलों की बोनी की गई है। जिले में पिछले सप्ताह से शीतलहर का प्रकोप ज्यादा है। तापमान में गिरावट होने से अत्यधिक ठंड कृषकों के स्वास्थ्य और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास मनोज कश्यप ने जिले के किसानों को अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय करते हुये फसलों को शीतघात से बचाने सलाह दी है। उन्होने कहा है कि तापमान में गिरावट तथा आसमान पर कोहरा छाने से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। रात का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में जिले के किसान खेतों में धुआं करके फसलों की शीतघात से सुरक्षा कर सकते हैं। इसके साथ ही बोर्डिऑक्स मिश्रण या कॉपरी ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव कर शीतघात के कारण रोग संक्रमण से बचाव कर सकते हैं। उन्होने बताया कि शीत लहर के बाद फास्फोरस और पोटेशियम उर्वरकों का उपयोग जड़ वृद्धि को सक्रिय करेगा और फसल को ठंड की घात से तेजी से उबरने में मदद करेगा। कृषक शीत लहर के दौरान प्रकाश और लगातार सतह सिंचाई प्रदान करें। पानी की सिंचाई से उत्पन्न विशिष्ट गर्मी पौधों को शीतघात से बचाता है। स्प्रिंकलर सिंचाई से पौधों में शीतघात को कम करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि पानी की बूंदों का संघनन, आसपास में गर्मी छोड़ता है। पौधों के मुख्य तने के पास मिट्टी को काली और चमकीली प्लास्टिक शीट के साथ ढकें। यह विकिरण अवशोषित कर मिट्टी को ठंडी में भी गर्म बनाए रखता है। प्लास्टिक उपलब्ध न होने की दशा में घास-फूंस, सरकंडे की घास या जैविक वस्तुओं से मिट्टी की ढँककर फसलों को शीतघात से बचाया जा सकता है। उप संचालक ने जिले के कृषकों को फसलों की शीतघात बचाव संबंधी जानकारी प्रदाय करने सतना और मैहर जिले के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को जनजागृति एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने एवं मैदानी अधिकारियों को फसलों की क्षति कम करने वाले उपायों का कृषकों के बीच प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये हैं।
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