सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानो के पंजीयन का दुरुपयोग रोकने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं। अब उपार्जन मण्डी मिलान प्रणाली अंतर्गत मण्डी में की गई एन्ट्री की जानकारी जिले के समस्त निर्धारित केन्द्रों पर उपार्जन मण्डी मिलान प्रणाली समिति के विकल्प पर रियलटाईम किसानवार जानकारी प्रदर्शित होगी।
किसान का नाम, मोबाईल नम्बर समग्र आईडी या आधार नम्बर, किसान पंजीयन कोड दर्ज करने पर किसान द्वारा मण्डी में विक्रय की गई मात्रा की जानकारी देखी जा सकेगी। उसका प्रिन्ट निकाल कर केन्द्र पर नियोजित नोडल अधिकारी द्वारा परीक्षण कर केन्द्र प्रभारी को दी जायेगी, तद्नुसार किसान की पात्रता की शेष मात्रा का गेहूँ का नियमानुसार उपार्जन, खरीदी की जायेगी। जिले के समस्त किसानो से अपील की गई है कषि उपज मंडियों में उपज विक्रय हेतु लाते समय उक्तानुसार आधार कार्ड, किसान पंजीयन, समग्र आईडी आदि दस्तावेज साथ में लायें ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
रोजगार दिवस कार्यक्रम के साथ सभी जिलों में “एक जिला एक उत्पाद“ पर, वृहद कार्यक्रम 4 नवम्बर को
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर शुरु हुये आयोजनों के क्रम में 4 नवम्बर को “एक जिला एक उत्पाद“ प्रदर्शनी के साथ ही रोजगार दिवस कार्यक्रम भी आयोजित किया जायेगा। एमएसएमई विभाग के सचिव पी. नरहरि ने प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन के दृष्टिगत जिलों के कलेक्टर को पत्र भी लिखा है। श्री नरहरि ने बताया कि जिला मुख्यालयों में होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं में वर्ष 2022-23 में जिले में लाभान्वित हुये हितग्राहियों को आमंत्रित कर स्वीकृति और वितरण पत्र जनप्रतिनिधियों के माध्यम से वितरित किये जाएंगे। जिलों में संबंधित “एक जिला एक उत्पाद“ के विभागों के अधिकारियों द्वारा उनके विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जायेगी। जिला कलेक्टर के निर्देशन में रूपरेखा निर्धारित कर कार्यक्रम सम्पादित किया जायेगा। कार्यक्रम में संबंधित विभागों एवं बैंकों की भागीदारी होगी और जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जायेगा।
उर्वरक विक्रय एवं भंडारण प्रतिष्ठानों की औचक जांच करने दल गठित
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अनुराग वर्मा ने जिले के समस्त विकासखंडों में किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने एवं उर्वरक की जमाखोरी को नियंत्रित करने 3 सदस्यीय निरीक्षण दल गठित किया है। दल में संबंधित विकासखंड के अनुविभागीय दंडाधिकारी को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि तहसीलदार एवं विकासखंडों के उर्वरक निराक्षकों को समिति में सदस्य बनाया गया है। गठित निरीक्षण दल को अपने क्षेत्र के सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय एवं भंडारण प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं उर्वरक वितरण की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही प्रतिष्ठान एवं उर्वरक वितरण में अनियमितता पाये जाने पर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं।
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