Mahasammelan on the birth anniversary of lord birsa munda: digi desk/BHN/भोपाल/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित महासम्मेलन के दो प्रसंग हैं। प्रथमत: यह महासम्मेलन भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हो रहा है। इसके अतिरिक्त जनजातियों के लिए आरंभ शासकीय योजनाओं से जनजातीय भाई-बहनों को मिले लाभ और उनके जीवन में आए बदलाव से उत्पन्न आनंद के प्रकटीकरण का भी उत्सव है। प्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महासम्मेलन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री 15 नवंबर को जंबूरी मैदान में जनजातीय गौरव दिवस महासम्मेलन और देश के प्रथम पीपीपी माध्यम से निर्मित हबीबगंज रेलवे स्टेशन के लोकार्पण के लिए की जा रही तैयारियों की मंत्रालय में समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सभी संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर वर्चुअली सम्मिलित हुए।
दोपहर 12 बजे से होगा कार्यक्रम आरंभ, जनजाति बहुल प्रत्येक ग्राम पंचायत में होगा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि महासम्मेलन में प्रधानमंत्री प्रदेश में सिकलसेल उन्मूलन मिशन और राशन आपके द्वार योजना का शुभारंभ भी करेंगे। कार्यक्रम में पीवीटीजी शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे और तथा कोविड-19 पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा। भोपाल सहित प्रदेश की प्रत्येक जनजाति बहुल ग्राम पंचायत में कार्यक्रम होंगे, जहाँ टी.वी. सेट तथा वेबकास्ट के माध्यम से जनजातीय भाई-बहनों को कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन से अधिक से अधिक प्रदेशवासियों को जोड़ा जाए
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन से प्रदेश के सभी जनजातीय महिला स्व-सहायता समूह की बहनों, शासकीय योजनाओं के हितग्राही, विद्यार्थियों, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों, किसान सम्मान योजना के हितग्राहियों, लाड़ली लक्ष्मी योजना में लाभान्वित बेटियों और ऐसी अन्य योजनाओं से जुड़े सभी व्यक्तियों और अधिकाधिक प्रदेशवासियों को जोड़ा जाए।
जनजातीय जननायकों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में जनजातीय जननायकों द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम में विभिन्न जनजातियों के लगभग 2 लाख व्यक्ति सहभागिता करेंगे। वेबकॉस्ट के माध्यम से लगभग एक करोड़ जनजाति भाई-बहनों को कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। प्रदेश की सभी जनजातियों जैसे गोंड, बैगा, भील, कोरकू, सहरिया, कोल आदि की कार्यक्रम में सहभागिता होगी। यह कार्यक्रम जनजातियों की परम्परागत वेशभूषा, संस्कृति, जीवन मूल्यों आदि को अभिव्यक्त करेगा। कार्यक्रम में वोकल फॉर लोकल की थीम पर आजीविका मिशन और वन-धन योजना में जनजातीय समुदाय के स्व-सहायता समूह के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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