-इंदौर में कन्क्लेव मीटिग में अन्य स्मार्ट शहर हुए पुरुष्कृत


सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ बेशक सतना शहर को स्मार्ट सिटी के तमगे से वर्षों पहले नवाजा गया हो, लेकिन समय पर कोई भी प्रोजेक्ट पूरे नहीं हुए, इसी का नतीजा रहा कि इस वषज़् इंदौर में कन्क्लेव मीटिंग में सतना को मुंह की खानी पड़ी है। भले ही सतना स्मार्ट सिटी व निगम प्रशासन के अधिकारियों ने अवार्ड के लिए कोर कमेटी में दावा किया हो लेकिन असल में जमीनी हकीकत कुछ और थी, जिसके चलते गत वर्ष के कार्यों की समीक्षा में सतना को कोई अवार्ड नसीब नहीं हुआ। अफसरों व नेताओं के नकारेपन ने सतना के सम्मान की धज्जियां उड़ा दीं। हैरानी की बात यह है कि बैठकों में अक्सर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की जाती रही और पर्दे के पीछे के आंकड़ों ने पूरी पोल खोल कर रख दी। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वर्ष 2022 तक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत कोई भी कार्य पूरा नहीें हुआ। जिसके चलते जहां शहर मायूस हो गया वहीं अफसरों व नेताओं पर अकर्मणयता का ठप्पा भी लग गया।
-इंदौर के हाथ लगा पुरुस्कार
देश की बेस्ट स्मार्ट सिटी का पुरस्कार इंदौर ने जीता है। केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सबसे बेहतर काम करने के लिए इंदौर को बेस्ट स्मार्ट सिटी घोषित किया गया है। इंदौर के साथ भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सागर की झोली में आए पुरस्कारों के दम पर प्रदेश के हिस्से में सबसे ज्यादा पुरस्कार आए। नतीजा देश में मप्र को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बेस्ट स्टेट का पुरस्कार भी दिया जा रहा है।
-845 प्रविष्टियों में चयन
स्मार्ट सिटी अवार्ड कांटेस्ट 2022 की अलग-अलग श्रेणियों में देश के विभिन्न शहरों की कुल 845 प्रविष्टियां केंद्र के पास पहुंची थीं। इनमें से 66 शहरों को पुरस्कार के लिए चुना गया है। स्मार्ट सिटी के इस मुकाबले में अन्य छह श्रेणियों में भी पुरस्कार पाकर इंदौर सबसे ज्यादा पुरस्कार जीतने वाला सितारा शहर बनकर उभरा है। इस तरह सबसे ज्यादा पुरस्कार जीत कर इंदौर बेस्ट स्मार्ट सिटी की ट्राफी पर दावा करते हुए इसे हासिल कर सका। वहीं सतना के खाते में अवार्ड के नाम पर ठनठन गोपाल की स्थिति बन गई।
-सतना फिर करेगा दावा
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की माने तो वर्ष 2022 में स्मार्ट सिटी के कोई बड़े प्रोजेक्ट पूर्ण नही हो सके थे। वहीं वर्ष 2023 में नगर वन, व्यकटेश मंदिर, नेक्टर झील समेत पार्क और कई तालाबों के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। लिहाजा 2023 में अवार्ड मिलने की पूरी संभावना जताई गई है।
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