Assembly Election 2022: digi desk/BHN/नई दिल्ली/ पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बड़ी फिजिकल रैलियों पर रोक जारी रहेगी। चुनाव आयोग ने 11 फरवरी तक रैलियों पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है। हालांकि प्रचार से जुड़े कई नियम में बदलाव कर थोड़ी राहत दी है। अब खुले स्थान पर आयोजित सभा में एक हजार लोग शामिल हो सकते हैं।
इनडोर मीटिंग में 500 लोगों की अनुमति
चुनाव आयोग के मुताबिक इनडोर मीटिंग में 500 लोग शामिल हो सकते हैं। वहीं डोर-टू-डोर कैंपेन में 20 लोगों को अनुमति दी गई है। बता दें सोमवार को केंद्रीय चुनाव आयोग ने रैलियों और रोड शो के ऊपर लगाए प्रतिबंध पर वर्चुअली समीक्षा बैठक की। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के मुख्य चुनाव अधिकारी और स्वास्थ्य सचिव बैठक में शामिल हुए थे। चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को मतदान कार्यक्रम की घोषणा के दौरान रोड शो, पद यात्रा, रैली और जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। पहले यह रोक 15 जनवरी तक थीं। फिर बढ़कर 22 जनवरी तक और फिर आगे 31 जनवरी तक बढ़ाया गया।
चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन
1. 11 फरवरी 2022 तक रोड शो, पद यात्रा, साइकिल, बाइक, वाहन रैलियों और जुलूसों की अनुमति नहीं है।
2. चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम 1000 व्यक्तियों या एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा या जमीन की क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ (जो भी कम हो) निर्दिष्ट खुले स्थानों में फिजिकिल सार्वजनिक बैठकों की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
3. चुनाव आयोग ने डोर-टू-डोर कैंपेन की सीमा बढ़ा दी है। अब 10 लोगों की जगह सुरक्षाकर्मियों को छोड़कर 20 लोगों की अनुमति की जाएगी।
4. अब राजनीतिक दलों के लिए अधिकतम 500 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता का 50 प्रतिशत या एसडीएमए द्वारा निर्धारित सीमा की इनडोर बैठकों की अनुमति है।
5. राजनीतिक दल और उम्मीदवार चुनाव से जुड़ी गतिविधियों के दौरान सभी अवसरों पर कोरोना गाइडलाइन और आदर्श आचार संहिता का पालन करना होगा।
5 राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश, गोवा, पंजाब, मणिपुर, उत्तराखंड और गोवा में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से सात चरणों में होंगे। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। चुनाव आयोग ने 10 फरवरी सुबह 07 बजे से 07 मार्च शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है।
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