Monday , October 5 2026
Breaking News

चुनाव से पहले सवाईमाधोपुर में 54 लाख की अवैध शराब जब्त, तस्करी नेटवर्क पर उठे सवाल

सवाईमाधोपुर
 पंचायती राज चुनाव की सरगर्मी बढ़ने से पहले ही जिले में अवैध शराब की आवाजाही ने पुलिस व प्रशासन की नींद उड़ा दी है। महज चार दिन के भीतर पुलिस और आबकारी विभाग की दो अलग-अलग कार्रवाइयों में करीब 54 लाख रुपए की शराब पकड़ी। एक ओर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रक में भरकर पंजाब बिक्री की अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप लाई जा रही थी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण इलाके में कार के जरिए देशी शराब की पेटियां पहुंचाई जा रही थीं। लगातार पकड़ी जा रही इन खेपों ने चुनाव से पहले शराब तस्करी के नेटवर्क और संभावित खपत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

29 सितंबर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे स्थित कुश्तला टोल प्लाजा पर आबकारी विभाग ने संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसमें पंजाब में बिक्री के लिए निर्धारित अवैध अंग्रेजी शराब की 599 पेटियां मिलीं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपए बताई गई। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। इसके चार दिन बाद ही रवांजना डूंगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार को पकड़ा। पुलिस को देखकर चालक ने टैक्सी मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पीछा कर वाहन को रोक लिया। तलाशी में 50 पेटियों में 2400 पव्वे देशी शराब भरी मिली। पुलिस ने शराब जब्त कर दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। बरामद शराब की कीमत करीब दो लाख रुपए बताई गई।

एक्सप्रेस-वे से गांवों तक शराब की सप्लाई
चार दिन के अंतराल में सामने आई दोनों कार्रवाई का तरीका अलग जरूर है, लेकिन दोनों मामलों ने जिले में शराब की आवाजाही की तस्वीर सामने रख दी है। एक तरफ एक्सप्रेसवे जैसे बड़े परिवहन मार्ग का इस्तेमाल लाखों रुपए की शराब की खेप लाने के लिए किया जा रहा था, तो दूसरी तरफ ग्रामीण सड़कों से शराब की पेटियां ले जाई जा रही थीं। ऐसे में सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब आखिर जिले में कहां खपाने के लिए लाई जा रही थी।

नेटवर्क तक पहुंचना चुनौती
पुलिस और आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर शराब जब्त कर ली, लेकिन अब असली चुनौती उस नेटवर्क तक पहुंचने की है, जहां से यह शराब जिले में भेजी जा रही है और जहां इसकी सप्लाई होनी थी। खासकर 52 लाख रुपए की बड़ी खेप का जिले तक पहुंचना यह सवाल खड़ा करता है कि इसके पीछे सप्लायर से लेकर स्थानीय स्तर पर खपत कराने वाले लोग कौन हैं। चुनाव से पहले यदि ऐसे नेटवर्क की कड़ियां नहीं तोड़ी गई तो ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की आवाजाही रोकना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहेगा।

चुनावी माहौल में बढ़ी चिंता
पंचायती राज चुनाव को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। संभावित प्रत्याशी और समर्थक मतदाताओं से संपर्क में जुटने लगे हैं। ऐसे समय में लगातार शराब की बड़ी खेप पकड़ा जाना सामान्य तस्करी से आगे की चिंता पैदा करता है। चुनाव के दौरान अवैध शराब की खपत रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहती है। यही वजह है कि चुनाव से पहले पकड़ी गई इन खेपों ने निगरानी और नाकाबंदी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

इनका कहना है…
जहां से भी शराब तस्करी के मामले सामने आए हैं, हमने कार्रवाई की है। पंचायतीराज चुनाव को लेकर डीएसटी टीम को भी निर्देश दिए है। आगे भी सूचना मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
– ज्येष्ठा मैत्रेयी, पुलिस अधीक्षक, सवाईमाधोपुर

 

About rishi pandit

Check Also

पटना में गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो, 1200 करोड़ की योजना से बदलेगी शहर की तस्वीर

पटना सिटी  राजधानी पटना में मेट्रो रेल और मरीन ड्राइव की परिकल्पना साकार करने के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *