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महतारी वंदन योजना बनी खुशियों का सहारा, सुवासिनी बोलीं- “रक्षाबंधन पर मिला भाई का उपहार”

रायपुर

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। इस बार जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम खोखरा निवासी मती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए यह पर्व एक विशेष खुशी लेकर आया। महतारी वंदन योजना के तहत खाते में पहुंची 1,000 रुपये की राशि ने उनके लिए त्योहार की खुशियों को और बढ़ा दिया। सुवासिनी इसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की ओर से बहनों के लिए मिले भाई के उपहार के रूप में देखती हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि महिलाओं की व्यक्तिगत और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा बन रही है।

मती सुवासिनी सूर्यवंशी के लिए महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि हर महीने मिलने वाली नई उम्मीद और आत्मविश्वास का आधार बन गई है। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का वे सोच-समझकर उपयोग करती हैं। घर की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ वे कुछ राशि बचाकर भविष्य की बड़ी जरूरतों के लिए भी सुरक्षित रखती हैं।

रक्षाबंधन से पहले खाते में 1,000 रुपये की राशि पहुंचने से उनकी खुशी दोगुनी हो गई। उन्होंने कहा, “इस बार रक्षाबंधन के पहले ही विष्णु भैया ने हमारे खाते में एक हजार रुपये भेजकर त्योहार की खुशी और बढ़ा दी। अब इन पैसों से अपने लिए साड़ी और राखी खरीदेंगे। हमारे लिए यह रक्षाबंधन पर भाई की ओर से मिला उपहार है।”

सुवासिनी बताती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम हुई है। वे अपनी आवश्यकताओं को लेकर स्वयं निर्णय ले पा रही हैं और परिवार की जरूरतों में भी योगदान कर रही हैं। उनके लिए यह राशि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उनके जैसे परिवारों को आर्थिक सहारा दिया है। “रक्षाबंधन के समय मिली यह राशि हमारे लिए बहुत खास है। इससे त्योहार की खुशी बढ़ी है और यह एहसास भी हुआ है कि विष्णु भैया अपनी बहनों के साथ खड़े हैं।”

महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। सुवासिनी सूर्यवंशी की कहानी इस बात की मिसाल है कि आर्थिक सहायता का छोटा-सा संबल भी महिलाओं के जीवन में बड़ी खुशियां और भविष्य के लिए नया भरोसा ला सकता है।

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