सतना,भास्कर हिंदी न्यूज़/ कृषकों और भू-स्वामियों द्वारा अपनी भूमि अन्य व्यक्तियों को धन या फसल का अंश भूमि स्वामी को देकर खेती के लिए भूमि दे दी जाती है जिसे सामान्य तौर पर बटाई, सिकमी, अन्य स्थानीय नामों से जाना जाता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश भूमि स्वामी एवं बटाईदारो के हित संरक्षण अधिनियम 2016 के अनुरूप भूमि बटाई पर दिए जाने की मान्यता प्रदान की गई है। अधिनियम भूमि स्वामी बटाईदार दोनों के हितों का संरक्षण करता है। अब कोई भी भूमि स्वामी अपनी भूमि बटाई पर देने या किसी व्यक्ति द्वारा बटाई पर लेने की वैधानिकता तभी मानी जाएगी जब दोनों पक्षों के द्वारा मध्यप्रदेश भूमि स्वामी बटाईदारों के हित संरक्षण अधिनियम 2016 के नियम चार के तहत अनुबंध निष्पादित किया हो और एक प्रति संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को उपलब्ध कराई हो।
कोई भी बटाईदार, भूमि बटाई पर लेकर यदि वह फसल क्षति की देय राहत राशि, बीमा राशि और कृषि उपज का उपार्जन के लिए शासन द्वारा तभी स्वीकार माना जाएगा जब भूमि स्वामी और बटाईदार के मध्य उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत अनुबंध निष्पादित हुआ हो। विधिवत अनुबंध के अभाव में उपरोक्त हित लाभ दिया जाना संभव नही होगा।
मैहर में शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम की द्वितीय प्रस्तुति 1 अगस्त को
मैहर मां शारदा की पावन नगरी एवं संगीत संम्राट पद्म विभूषण बाबा अलाउद्दीन खाँ साहब की साधना स्थली मैहर में शास्त्रीय संगीत के उभरते हुये नवोदित कलाकारों कों मंच देने का कार्य जिला प्रशासन के सहयोग से मैहर म्यूजिक अटाला आर्ट सिटी के तत्वाधान में 1 जुलाई 2024 से प्रारंभ किया गया है। जिसकी द्वितीय प्रस्तुति 1 अगस्त को शास्त्रीय संगीत महाविद्यालय, मैहर के सभागार में सायं 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक आयोजित की गई है। शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम में शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य के कलाकार अपनी प्रस्तुती दे सकेंगे। इस हेतु कलाकार अपने आवेदन बायोडाटा के साथ 20 जुलाई तक संगीत महाविद्यालय मैहर में प्रभारी अनिल कुमार जायसवाल, सहायक व्याख्याता (मोबा. 7987274350) के पास जमा कर सकते हैं। पूर्व में जिन नवोदित कलाकारों के द्वारा आवेदन किया था, उन्हें पुनः आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। उनके आवेदन इस माह भी सम्मिलित किए जाएंगे। जिन कलाकारों की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं वह 1 वर्ष के पश्चात ही आवेदन करने के पात्र होंगे। मैहर घराने को जीवंत बनाने एवं विद्या की देवी माँ शारदा की नगरी को संगीत मय बनाने के लिए शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का आयोजन प्रत्येक माह की 1 तारीख को किया जा रहा है।
जिले में अब तक 144.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में इस वर्ष 1 जून से 8 जुलाई 2024 तक 144.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख सतना से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक जिले की सतना (रघुराजनगर) तहसील में 309.8 मि.मी., सोहावल (रघुराजनगर) में 105.8 मि.मी., बरौंधा (मझगवां) में 112.3 मि.मी, बिरसिंहपुर में 133 मि.मी., रामपुर बाघेलान में 71 मि.मी., नागौद में 161.8 मि.मी., जसो (नागौद) में 45.3 मि.मी. एवं उचेहरा में 220 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। जिले की औसत सामान्य वर्षा 891.7 मि.मी. है। गत वर्ष इस अवधि में 143.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई थी।
प्लेसमेंट कैम्पस ड्राइव आज
प्राचार्य शासकीय आईटीआई सतना द्वारा बताया गया कि पीथमपुर द्वारा अप्रेन्टिस शिप हेतु 10वीं एवं इंजीनियरिंग ट्रेड में शासकीय आईटीआई से एनसीवीटी/एससीवीटी में वर्श 2022, 2023, 2024 में 60 प्रतिशत प्राप्त करने वाले पात्र उम्मीदवारों के लिए 9 जुलाई 2024 को प्रातः 10 बजे से शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सतना में एक दिवसीय प्लेसमेन्ट/कैम्पस ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। कैम्पस ड्राइव में 18 से 25 वर्ष आयु तक के पुरूष बेरोजगार आवेदक जो निर्धारित योग्यता पूरी करते हैं। वे अपने साथ 3 प्रति में बायोडाटा, आधारकार्ड, बैंक खाता विवरण, पासपोर्ट फोटो एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते है।
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