Thursday , September 23 2021
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साहित्य

जो ‘ब्रम्ह’ को जानता है वही ब्राहमण, फिर भी आज उसकी दुर्गति..!

आलेख-योगेश गौतम ब्राह्मण : ब्राह्मण का शाब्दिक अर्थ है, ब्रह्म जनाति अर्थात जो ब्रह्म को जनता है जो भगवान को जानता है! ब्राह्मण वर्ण व्यवस्था में उच्च स्थान दिया गया उसके कुछ कारण आप लोगों के सामने रखूँगा जिससे आप भी इत्तफाक रखेंगे ऐसी मेरी सोंच है!! वर्ण व्यवस्था में …

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मुनमुन दत्‍ता के खिलाफ इंदौर के बाद अहमदाबाद में भी केस दर्ज

After indore against munmun dutta now case has also been filed in ahmdabad: digi desk/BHN/ अहमदाबाद। तारक मेहता के उल्‍टा चश्‍मा में बबीता का किरदार निभाने वाली मुनमुन दत्‍ता के खिलाफ अहमदाबाद में वाल्मिकी समाज के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर जाति सूचक शब्‍द बोलने को लेकर एट्रोसिटी एक्‍ट के तहत …

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किसान…!

              पंडित योगेश गौतम चलो आज फिर कुछ गाना गुनगुनाऊँ! अपने लिए न सही औरों के लिए मुस्कराऊँ!! तपती धरती को पैरो की ठंडक का अहसाह कराऊँ! भादों की सुनसान रात को अपनी धड़कन सुनाऊँ!! चलो आज फिर कुछ गाना गुनगुनाऊँ !…. अपने दर्द …

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स्मृति शेष :’मौत से ठन गई’ से लेकर ‘आए जिस-जिस की हिम्मत हो’ तक, पढ़िए अटलजी की प्रसिद्ध कविताएं

Atal Bihari Vajpayee 96th Birth Anniversary:digi desk/BHN/  25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी की 96वीं जन्मजयंती है। देश के हर बड़े शहर में आज भी अटलजी की छाप है। आज भी उनके किस्सा याद किए जा रहे हैं। 25 दिसंबर, शुक्रवार को देशभर में उनकी याद में …

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व्यथित किसान…!

लघु कथा… दशहरा का त्यौहार हम किसान भाइयों ने अपने दिल के अंदर हलके फुल्के डर और माता शारदे से इस कामना के साथ मनाया की माँ इस बार की खेती में आपकी कृपा जरूर हो। इस बार बहुत सारी जिम्मेदारियां है जिसका निर्वहन करना है…..बेटी की शादी और बेटे …

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जीवन का सफर..!

                                              रचनाकार: पंडित योगेश गौतम मैं पग दो पग जब चलता था , अपनो से रोजाना मिलता था ! अब लंबी सैर में जाता हूं, अपनो को सोता …

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….तो वह इंसान से मिट्टी हो जाता है!

लघुकथा मैं आज बहुत हतप्रभ था जब एक बच्चे को यह कहते सुना कि मेरे पापा को मिट्टी मत कहो वो अभी तो कुछ ही देर पहले मुझे स्कूल छोड़कर आये थे। पंद्रह मिनट पहले वो मुझे बोले थे बेटा शाम को मैं तुम्हे आज नए कपड़े दिला दूंगा। वो …

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ग़ज़ल: लौट आऊंगा तेरी फिजा में, अगर तू मुझमें घुलने का वादा कर!

लौट आऊंगा……. लौट आऊंगा तेरी फिजा में, अगर तू मुझमें घुलने का वादा कर! रूह मेरी दुआ देगी कब्र से, अगर तू मस्कराने का वादा कर !! संवर जाता हूं तेरे आने से, एक बार तू आने का वादा तो कर! खिल उठेगा हर रोम गीत से, एक बार तू …

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‘मेरी पीठ दीवार की तरफ है, कश्मीर पर बात नहीं करूंगा’, जानिए जुल्फिकार अली भुट्टो ने क्यों कहा था ऐसा

India Pak Kashmir Issue:newdelhi/ 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35-ए हटाकर विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया गया। किंतु इस ऐतिहासिक निर्णय के पहले कई दशक ऐसे बीते जब कश्मीर की आड़ लेकर पाकिस्तान भारत की पीठ पर खंजर घोंपता रहा। दोनों ही देशों में …

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पढ़ें, समाज सुधारक और क्रांतिकारी लेखक प्रेमचंद की लघु कथाएं

 Premchand ki kahaniyan : हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद के योगदान का कोई जोड़ नहीं है. उनके लिखे उपन्यास और कहानियों की देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के पाठकों के दिल में एक खास जगह है. मुंशी प्रेमचंद की लघुकथा (premchand ki kahani) साहित्य की बात करें, तो उन्होंने कई …

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