- अवैध वसूली के संबंध में पंचनामा तैयार कराया जबरन हस्ताक्षर
- गढिय़ा टोला चौराहा टैक्सी परमिट की गाड़ी से उठाने का आरोप
- एसपी ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को सौंपा जांच का जिम्मा

सतना, भास्कर हिंदी न्यूज़/ शहर के एक पत्रकार का वन विभाग के कर्मचारियों ने अपहरण कर रेस्ट हाउस में बंधक बनाने के बाद पीटा। यही नहीं अपने बचान के लिए एक पंचानाम तैयार कर उसमें जबरन हस्ताक्षर करा लिए। यही नहीं पैसे देते हुए फोटो-वीडियो भी शूट किए गए। मामला एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार पंकज मिश्रा का है। जिनकों एक टैक्सी परमिट की बोलेरो गाड़ी से चित्रकूट के एसडीओ, बरौंधा, मझगवां और सतना रेंज के रेंजर ने उठाया। बीती रात गढिय़ा चौराहा के पास से वन विभाग की अधिकारियों ने अपहरण किया इसके बाद सोनौरा स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस ले गए जहां पर जबरन शराब पिलाने के बाद मारपीट की गई। इस मामले में पत्रकारों की शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक के द्वारा जांच का जिम्मा सिविल लाइन थाना प्रभारी को सौंप दिया गया है।
पत्रकार पंकज मिश्रा पिता एसएम मिश्रा निवासी पौराणिक टोला वार्ड क्रमांक -4 का मंगलवार की रात लगभग साढ़े दस बजे चित्रकूट एसडीओ, बरौंधा, मझगवां और सतना रेंजर ने गढिय़ा तिराहा के पास से अपहरण कर लिया। इसके बाद रेस्ट हाउस ले जाकर मारपीट की गई। आरोप है कि वन विभाग के मुखिया विपिन पटेल के द्वारा धमकी दी गई कि यदि फिर कभी खबर लिखी तो जान से मार देंगे। अब इस मामले में पुलिस अधीक्षक के द्वारा जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
साथियों ने बनाया वीडियो
बताया जाता है कि इस मामले में पीडि़त पत्रकार के कुछ साथियों ने पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो भी अपने मोबाइल फोन पर कैप्चर किया है। जिसमें इस बात के सबूत हैं कि कैसे उन्हें यातनाएं दी गईं। इसी के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी गई थी। जिनके द्वारा देर रात घटना स्थल पहुंचने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सुनियोजित ढंग से अंजाम दी गई घटना
बताया जाता है कि पंकज मिश्रा को वन विभाग के डीएफओ विपिन पटेल ने इसलिए निशाने पर लिया क्योंकि वह लगातार वन विभाग की कमियों को उजागर कर रहे थे। पत्रकार पकंज का आरोप है कि पूरी प्लानिंग के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया। वन विभाग के अधिकारी ने शातिर बदमाशों की तर्ज पर पत्रकार को उठवाया और रेस्ट हाउस ले जाकर मारपीट की।
किसी अनुमति से मुख्यालय छोड़कर आए
बताया जाता है कि पत्रकार पकंज को गढिय़ा टोला चौराहा से बोलेरो क्रमांक एमपी 19 टी 4404 से उठाया गया। यहां उल्लेखनीय है कि आचार संहिता के बीच किसकी अनुमति से चित्रकूट एसडीओ, मझगवां रेंजर और बरौंधा रेंजर अपना मुख्यालय छोड़कर पहुंचे थे। इस केस में सतना रेंजर भी शामिल रहे। मारपीट में डीएफओ का भी नाम है। सतना में पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटना पूर्व में अमरपाटन थाना प्रभारी के द्वारा भी की जा चुकी है।
इनका कहना है…
पैसों की मांग करने आए थे। हमारे द्वारा कोई मारपीट नहीें की गई। पैसे के लेन-देन की फोटो आपको भेज रहे हैं।
विपिन पटेल, डीएफओ सतना
पत्रकारों के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया है। जिसके आधार पर प्रकरण की जांच का जिम्मा सिविल लाइन थाना पुलिस को दिया गया। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष गुप्ता, एसपी सतना
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