बोर्ड ने जारी की सूची, मेडल के साथ मिलेंगे 3 लाख
सतना,भास्कर हिंदी न्यूज़/ लंबे समय से औषधीय पौधों के साथ ही देशी सब्जी के संरक्षण कार्य से जुड़े रामलोटन कुशवाहा को मध्यप्रदेश का राज्य जैवविविधता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार श्री कुशवाहा का नाम निजी क्षेत्र के वर्ष 2022-23 प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है। परम्परागत बीजों के संरक्षक पद्मश्री बाबूलाल दाहिया के मार्गदर्शन में जैवविविधता संरक्षण में जुड़े रामलोटन के कार्य की सराहना 27 जून 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मन की बात में कर चुके हैं। गौरतलब है की पिथौराबाद को सामाजिक संस्था सर्जना से जुड़ा यह दूसरा पुरस्कार है 2020 में प्रथम पुरस्कार जैवविविधता प्रबंधन समिति पिथौराबाद को 200 से अधिक परम्परागत देशी धान की किस्मे व दर्जनों प्रकार के देसी गेहूं के प्रजातियों के संरक्षण सम्वर्धन एवम जैव विविधता प्रबंधन समिति के बेहतर संचालन हेतु मिल चुका है।
कौन हैं रामलोटन
जिले के उचेहरा जनपद अंतर्गत स्थित ग्राम पंचायत पिथौराबाद की नई बस्ती के निवासी हैं। और पद्मश्री बाबूलाल दाहिया के साथ मार्गदर्शन में करीब एक एकड़ में क्षेत्र में में फैली बगिया में ढाई सौ प्रकार के औषधीय पौधे, डेढ़ दर्जन प्रकार की कंद किस्में तथा दर्जनों प्रकार की सब्जियों की अनेक परम्परागत किस्मों का संरक्षण करते हैं। यह बगिया संस्था सर्जना सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच पिथौराबाद द्वारा पोषित है।
बीज यात्रा से बढ़ी संख्या
रामलोटन की बगिया की जड़ी बूटियां, सब्जी किस्में व कंद का भी प्रदर्शन होता रहा है। इस दौरान वे जहां भी जाते सब्जी व जड़ी-बूटियों की वे किस्में भी लाते जो उनके पास नहीं होतीं। बताया जाता है की 2017 में मप्र राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा पद्मश्री बाबूलाल दाहिया की अगुआई में प्रदेश के 40 जिलों में बीज बचाओ यात्रा निकाली थी। इस यात्रा के 5 सदस्यों में श्री कुशवाहा भी थे। इस दौरान अनाज व सब्जियों की 166 बीज प्रजातियों के 2052 नमूने एकत्र किये गये थे। इनमें सब्जी की कई प्रजातियों को श्री कुशवाहा को संरक्षण के लिये सौंपा गया था। इस प्रकार श्री कुशवाहा की बगिया में संरक्षित सब्जी व औषधीय पौधों की प्रजातियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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