बीजिंग
विश्व स्वास्थ्य सभा ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (2005) में एक पैकेज का संशोधन पारित किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी देश एक व्यापक और सुदृढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली स्थापित करें और महामारी जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए वैश्विक रोकथाम, निगरानी और प्रतिक्रिया को मजबूत करें।
यह संशोधन "महामारी आपातकाल" की परिभाषा प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य उन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए अधिक प्रभावी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है जो महामारी बन सकती हैं या बन चुकी हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि "महामारी आपातकाल" की परिभाषा मौजूदा अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (2005) तंत्र पर आधारित है और उच्च स्तर की चेतावनी का प्रतिनिधित्व करती है।
संशोधन में "समन्वय वित्तीय तंत्र" की स्थापना भी शामिल है, जो विकासशील देशों को वित्तीय सहायता मजबूत किया जाएगा और उनकी मुख्य क्षमताओं और महामारी की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमताओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ के सदस्य देश "महामारी समझौते" के प्रारूप पर वार्ता जारी रखने पर सहमत हुए।
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