रांची
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी के बाद जो तस्वीरें सामने आईं उसने सबको हैरान कर दिया। टकसाल में काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा कभी किसी ने नोटों के इतने बंडल एक साथ नहीं देखे थे। साहू के ठिकानों से झारखंड से ओडिशा तक फैले ठिकानों से करीब 353 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की गई है। तीन बार के सांसद धीरज साहू का परिवार शराब कारोबार से जुड़ा हुआ है।
छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले धीरज साहू कांग्रेस के पुराने नेता हैं और अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले धीरज साहू नेता होने के साथ कारोबारी भी हैं। उनके पिता बलदेव साहू जानेमाने कारोबारी थे। 23 नवंबर 1955 को छोटानागपुर में जन्मे धीरज साहू और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्य पैतृक कारोबार से जुड़े हुए हैं। बलदेव साहू ग्रुप ऑप कंपनीज का अधिकतर कारोबार ओडिशा में है। इसमें देसी ब्रांड की शराब कंपनी प्रमुख है।
अपनी वेबसाइट पर धीरज साहू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा की तस्वीर साझा करते हुए अपने जो उद्देश्य बताए हैं, उसके मुताबिक वह झारखंड को समृद्धशाली राज्य बनाना चाहते हैं। इसमें कहा गया है, ‘साहू का मिशन सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देना है।’
धीरज साहू ने इसमें कहा है कि वह सबके लिए बराबरी का मौका चाहते हैं। वेबसाइट पर धीरज के ‘मिशन’ को लेकर लिखा गया है- शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के लिए साहू राज्य में स्कूलों और अस्पतालों के लिए फंडिंग बढ़ाना चाहते हैं। वह सभी नागरिकों, महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के अवसर पैदा करने का प्रयास करते हैं।
धीरज साहू को शूटिंग से लेकर वन्यजीव फोटोग्राफी तक का शौक है। वह खेलों में भी दिलचस्पी लेते हैं। सांसद ने अपनी वेबासाइट पर कई ऐसी तस्वीरें प्रदर्शित की हैं, जिनसे उनके लाइफस्टाइल का पता चलता है।
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