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MP: सीएम डॉ. यादव बोले- हम प्रकृति के रक्षक, वसुधा को बचाने सभी नागरिक अपना दायित्व निभाएं

भोपाल/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में “जलवायु परिवर्तन के लिए वैश्विक प्रयास: भारत की प्रतिबद्धता में राज्यों का योगदान” पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पर्यावरण की रक्षा और प्रकृति की पूजा के लिए पूरे विश्व में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें वसुधा को बचाना है तो पर्यावरण का ध्यान रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रकृति के रक्षक है। वसुधा की रक्षा हमारा कर्तव्य है और इस दिशा में मध्य प्रदेश भी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण के प्रति संकल्प की प्रशंसा करते हुए सीएम ने कहा कि वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक पर्यावरण की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश द्वारा नर्मदा नदी और अन्य जल संसाधनों की स्वच्छता और संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदमों की भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की पारंपरिक जीवनशैली को पर्यावरण अनुकूल बताते हुए कहा कि देश के नागरिकों को अपनी जीवनशैली में पर्यावरण के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी जीवन पद्धति में प्रकृति और परमात्मा से जुड़ने का गहरा दृष्टिकोण है, जो आज के दौर में और भी महत्वपूर्ण हो गया है।  संगोष्ठी में नार्वे के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय विकास और पर्यावरण मंत्री एरिक सोलहेम ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश को एक सुंदर और हेरिटेज संपन्न राज्य बताया, जिसका पर्यावरण संरक्षण में योगदान वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण होगा। कार्यक्रम का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान (एग्पा) और मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा किया गया, जिसमें 200 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण विशेषज्ञों, शासकीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

तापमान 2.5 डिग्री बढ़ने की संभावना 

कार्यक्रम को पैरवी संस्था के संचालक अजय झा ने कहा कि सदी के अंत तक तापमान 2.5 डिग्री तक बढ़ने की संभावना है। विज्ञान भारती, केरल के डॉ. विवेकानंद पई ने कहा कि भारत में कार्बन उत्सर्जन 1.8 टन प्रति व्यक्ति है, जो विश्व की औसत प्रति व्यक्ति से 4.5 टन से कम है। सिकोईडीकोन की सचिव मंजूबाला जोशी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की विभीषका को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी आरएस प्रसाद ने कहा कि क्लाइमेट जस्टिस जरूरी है।

कलाकारों से की मुलाकात 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके अतिरिक्त स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की और माटी शिल्पकारों को प्रोत्साहित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” संकल्प की सराहना की। उन्होंने दीपावली के अवसर पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने भोपाल के माटी शिल्पकार लखन कुमार प्रजापति और बबलू प्रजापति द्वारा निर्मित टेराकोटा शिल्प का अवलोकन किया। इन शिल्प में लक्ष्मी माता की प्रतिमा, दिए और अन्य शिल्प शामिल हैं। मुख्यमंत्री को प्रजापति ने चहचहाती हुई गोबर और मिट्टी के मिश्रण से बनी मैजिक चिड़िया दिखाई साथ ही श्रीनाथजी की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से भेंट कर उनकी कला की सराहना की और पर्यावरण संरक्षण पर बनी चित्रकला को देख उनकी प्रशंसा की। इस संगोष्ठी से पर्यावरण संरक्षण पर महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकलने की आशा व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की सफलता की कामना की।

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